छोटे और मध्यम स्तर के बिज़नेस के लिए, विकास को गति देने के लिए पूंजी की ज़रूरत महत्वपूर्ण है। पर्सनल फंड, पिछले मुनाफे और बिजनेस रेवेन्यू से निवेश को बैलेंस करने के लिए बहुत मेहनत करनी पड़ती है। ऐसी स्थितियों में, बिजनेस लोन के लिए अप्रूवल एक लाइफ़लाइन की तरह लग सकता है, लेकिन अगर कोई आवेदन करने से पहले अपनी क्रेडिट योग्यता की जांच नहीं करता है, तो यह प्रक्रिया लंबी हो सकती है।
बिज़नेस लोन मिलने की संभावनाओं को बेहतर बनाने के लिए CIBIL रैंक और कंपनी क्रेडिट रिपोर्ट (CCR) का इस्तेमाल करना बहुत मददगार हो सकता है। हालांकि कई लोग CIBIL स्कोर और रिपोर्ट के बारे में जानते हैं, CIBIL रैंक और CCR का कांसेप्ट नया हो सकता है। जैसे CIBIL स्कोर लोगों की क्रेडिट योग्यता को दर्शाता है, CIBIL रैंक MSME और बिज़नेस की क्रेडिट योग्यता को दर्शाती है। नीचे दिए गए सुझावों से पता चलता है कि इस रिपोर्ट का इस्तेमाल करने से बिज़नेस को बेहतर बिज़नेस लोन मिलने की संभावना कैसे बढ़ सकती है।
'कंपनी क्रेडिट रिपोर्ट' शब्द तकनीकी लग सकता है, लेकिन इसे अच्छे से समझने से इसकी सरलता का पता चलता है। CCR कंपनी के क्रेडिट इतिहास का पूरा सारांश होता है, जिसे वित्तीय संस्थानों द्वारा ट्रांसयूनियन CIBIL* को सबमिट किया जाता है। इसमें बिज़नेस का CIBIL रैंक#, क्रेडिट इतिहास, सक्रिय और निष्क्रिय क्रेडिट अकाउंट, फ़र्मोग्राफ़ी, पुनर्भुगतान इतिहास और दूसरी वित्तीय जानकारी शामिल होती है। लेंडर/ऋणदाता इस रिपोर्ट का इस्तेमाल कंपनी की क्रेडिट योग्यता का आकलन करने के लिए करते हैं।
किसी बिज़नेस की फाइनेंशियल प्रोफ़ाइल की जानकारी जानना—बिज़नेस के मालिकों के लिए उतना ही ज़रूरी है जितना कि लेंडर/ऋणदाताओं के लिए। एक मज़बूत कंपनी क्रेडिट रिपोर्ट से लेंडर/ऋणदाताओं को एक ज़िम्मेदार क्रेडिट यूज़र के तौर पर बिज़नेस की क्रेडिट योग्यता का पता लगाने में मदद मिल सकती है।
इसके अलावा, हाई CIBIL रैंक से कंपनी के मनचाहे लोन के लिए योग्यता प्राप्त करने की संभावना बढ़ जाती है, जो कि ऑपरेशन बढ़ाने या डेवलपमेंट में निवेश करने के लिए ज़रूरी हो सकता है। अच्छी रैंक से ब्याज़ दरें कम होने की संभावना भी बढ़ जाती है, जिससे उन्हें बिज़नेस में आगे बढ़ने के लिए बचत को फिर से निवेश करने का विकल्प मिलता है।
CIBIL रैंक में सुधार करना ट्रांसयूनियन CIBIL से CCR प्राप्त करने और नियमित रूप से इसकी समीक्षा करने से शुरू होता है। यह अभ्यास आपके बिज़नेस की मौजूदा क्रेडिट प्रोफ़ाइल स्थिति और उन क्षेत्रों को पहचानने में मदद करता है, जिनमें सुधार की ज़रूरत है। पुनर्भुगतान का इतिहास महत्वपूर्ण है; इसलिए, समय पर भुगतान को रिमाइंडर और इलेक्ट्रॉनिक स्थायी निर्देश (ESIs) का इस्तेमाल करके प्राथमिकता दी जानी चाहिए, ताकि देय तारीखें/ड्यू डेट्स मिस न हों।
बकाया डेब्ट कम करना फ़ोकस का एक और महत्वपूर्ण क्षेत्र है। क्रेडिट इस्तेमाल की निगरानी करना ज़रूरी है, पहले से भुगतान करके और क्रेडिट पर ज़्यादा निर्भरता से बचकर क्रेडिट के इस्तेमाल को लिमिट से कम रखें।
बेहतर CIBIL रैंक के साथ, लेंडर/ऋणदाता से संपर्क करना ज़्यादा सरल और भरोसेमंद हो जाता है। एक मजबूत क्रेडिट प्रोफाइल के ज़रिए शर्तों की तुलना करना और बेहतर डील पर बातचीत करना संभव हो जाता है। लेंडर/ऋणदाता के साथ अच्छे संबंध बनाना फायदेमंद साबित होता है, क्योंकि नियमित बातचीत और समय पर भुगतान करने से भविष्य में लोन लेना आसान हो जाता है।
मज़बूत CIBIL रैंक बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास और वित्तीय अनुशासन की आवश्यकता होती है। और आज से शुरू करने से किसी भी बिजनेस के लिए एक उज्जवल, और समृद्ध भविष्य का मार्ग प्रशस्त हो सकता है। https://www.cibil.com/company-credit-report पर अधिक जानें
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