माइक्रो, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) ने भारत की आर्थिक वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है, जैसा कि हाल ही में MSME उद्योग की कुल क्रेडिट वृद्धि के हिस्से में प्रदर्शित हुआ है | TransUnion CIBIL और SIDBI द्वारा सितंबर 2018 में संयुक्त रूप से प्रकाशित MSME पल्स रिपोर्ट दर्शाती है कि MSME क्षेत्र में क्रेडिट उपयोग (जून 2018 तक) व्यवसाय में समग्र क्रेडिट उपयोग का 35% है |
इस बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था में, MSME को किफ़ायती दरों पर वित्त के औपचारिक स्रोतों की उपलब्धता देना ज़रूरी है, लेकिन प्रमुख संस्थान अभी भी ऋण की वाणिज्यिक व्यावहार्यता के बारे में शंकित हैं और परिणामस्वरूप होने वाली जानकारी की असमानता से वित्त प्राप्त करने में टर्न अराउंड समय प्रभावित होता है. इसलिए, ऐसे MSME, जिन्हें तुरंत वित्त की ज़रूरत है, क्रेडिट की एक्सेस प्राप्त करने के लिए अन्य स्रोतों की तलाश करने के लिए विवश हो जाते हैं |
जानकारी की इस असमानता और विसंगति में सुधार करने के इस प्रयास में TransUnion CIBIL ने मार्च 2017 में MSME क्षेत्र में CIBIL MSME रैंक (CMR) की शुरुआत की | CMR, कंपनी क्रेडिट रिपोर्ट (CCR) का भाग है, जो — कंपनी की क्रेडिट प्रोफ़ाइल का सारांश है. जहां ऐसे सभी वाणिज्यिक निकायों के लिए, जिन्होंने औपचारिक ऋण उद्योग से ऋण लिया है, CCR उपलब्ध है वही CMR सिर्फ़ उन्हीं निकायों के लिए उपलब्ध है जिनका समग्र जोखिम 10 लाख रुपए से लेकर - 10 करोड़ रुपए तक है | CMR का उपयोग अब ऋण से जुड़ी अंडरराइटिंग और निर्णयों, क्रेडिट और संवितरण के निर्णयों के लिए किया जाता है, इस प्रकार यह MSME को क्रेडिट स्वीकृतियों के लिए TAT में काफ़ी हद तक कमी लाने के लिए योगदान कर रहा है | MSME पल्स रिपोर्ट दर्शाती है कि MSMES को ऋण देने के लिए TAT में 2016 के औसतन 32 दिनों से लेकर 2018 में औसतन 26 दिनों तक की कमी आई है |
तो CMR से MSME को क्रेडिट की उपलब्धता प्राप्त करने में कैसे मदद मिल रही है? इसका अद्वितीय रैंकिंग सिस्टम MSME को उनके क्रेडिट इतिहास के आधार पर 1 से 10 के पैमाने पर रैंक देता है जिसमें CMR-1, सबसे कम जोखिम वाले MSME की सबसे अच्छी संभव रैंक है और CMR-10 सबसे ज़्यादा जोखिम वाले MSME की सबसे जोखिमपूर्ण रैंक है | CMR, खाता इतिहास के पिछले 24 महीनों के डेटा (अलग-अलग ऋणदाताओं द्वारा साझा किए गए) पर आधारित है, जो MSME के क्रेडिट व्यवहार से संबंधित निष्पक्ष जानकारी प्रदान करती है, ताकि दूसरे ऋणदाता, व्यावसायिक निकाय का ज़्यादा उद्देश्यपूर्ण तरीके से, कुशलतापूर्वक और समान रूप से मूल्यांकन कर सकें |
रैंकिंग विस्तृत रूप से नीचे दिए गए पैरामीटर द्वारा प्रभावित होती है:
व्यवसाय के स्वामी अब शुरुआत करने के लिए अपनी कंपनी की CCR और CMR देख सकते हैं:
CMR सिर्फ़ जानकारी की असमानता का ही समाधान नहीं करता, बल्कि यह ऋणदाताओं को क्रेडिट संबंधी निष्पक्ष निर्णय करने के साथ-साथ यह सुनिश्चित करने में भी मदद करता है कि योग्य MSME को किफ़ायती तौर पर और तेज़ी से फ़ंड उपलब्ध हो सकें | राज्य-के स्वामित्व वाले ऋणदाता, बैंक ऑफ़ बड़ौदा ने हाल ही में ऐसे MSME के लिए कम ब्याज दर पर क्रेडिट की सुविधा उपलब्ध कराने की सबसे पहले घोषणा की है, जिनकी CMR अच्छी है | ऋणों के इस अभिनव जोखिम आधारित मूल्य निर्धारण से सस्ते वित्त प्राप्त करने में बढ़ोत्तरी होगी बल्कि इससे बैंक और क्रेडिट इंस्टिट्यूशन के लिए पोर्टफ़ोलियो की गुणवत्ता भी नियंत्रित होगी | TransUnion CIBIL की रिपोर्ट दिखाती है कि भारत में सभी योग्य MSME में से ~85% की रैंक CMR 1 से CMR 6 के बीच है, जिससे वे इस प्रकार के ऑफ़र का लाभ उठाने के लिए योग्य हैं |
MSME व्यवसाय की वृद्धि की कार्यनीति और विस्तार की योजनाएं, कंपनी की क्रेडिट की एक्सेस पर निर्भर करती हैं | इसके परिणामस्वरूप, यह उनकी क्रेडिट रैंकिंग द्वारा प्रभावित होती है और इस प्रकार इससे CMR को ऐसी रैंक मिलती है, जिस पर ऋणदाता और MSME निर्भर रह सकते हैं |
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